मंगलवार, 23 मार्च 2010

यूँ तो किस किस को ना कहा दोषी



था रिभु जिस गुनाह का दोषी 
चुप थी अहल्या जिसे कहा दोषी 

न्याय जब जब न कर सके गौतम 
शैल तू बनकर उसे बना दोषी 

जब जले घर किसी के,चुप थे सब 
कह रहे अब कि थी हवा दोषी 

अपने हाथों चुनी थी बर्बादी 
अब कहे है तेरी दुआ दोषी 

हार के कसूरवार थे खुद ही 
यूँ तो किस किस को ना कहा दोषी 

प्रकाश पाखी 

11 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत-बहुत स्वागत, शुभकामनायें, प्रकाश जी.
    जब जले घर किसी के,चुप थे सब
    कह रहे अब कि थी हवा दोषी
    बहुत ही सुन्दर शेर. उम्मीद है, हमारी मानसिक खुराक यहां मिलती रहेगी.

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  2. प्रकाश जी ..
    आपका शुक्रिया आपने अपने नए ब्लॉग का पता दिया...
    जब जले घर किसी के,चुप थे सब
    कह रहे अब कि थी हवा दोषी
    बहुत ही खूबसूरत शेर....

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  3. प्रकाश जी
    नए ब्लॉग की बहुत बहुत शुभकामनाएं...आपका ये ब्लॉग बुलंदियों को छुए ये कामना करता हूँ...
    जब जले घर किसी के,चुप थे सब
    कह रहे अब कि थी हवा दोषी

    बहुत बेहतरीन शेर है...मेरी दाद कबूल करें...पूरी ग़ज़ल ही उम्दा है...पुराने संधर्भों को नए आयाम दिए हैं आपने...वाह.
    नीरज

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  4. बहुत बढ़िया और ख़ूबसूरत रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है!

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  5. पाखी जी, नवरा्त्रि के मौके पर नये ब्लॉग की बधाई और शुभकामनाएं..एक खूबसूरत और अभिनव रदीफ़ मे आपने बेहतरीन भावों को पिरोया है..सारे के सारे सामयिक शेर हैं..खासकर यह और भी करीब लगा

    जब जले घर किसी के,चुप थे सब
    कह रहे अब कि थी हवा दोषी

    समाज की तल्ख सच्चाई!!
    और जिस परवाज का जिक्र आपने अपने ब्लॉग पर किया है..दुआ है कि आपकी कलम की परवाज नयी उँचाइयों को छुए..आपके ब्लॉग को शुभकामनाओं सहित..

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  6. स्वागत है जी स्वागत है.....
    ......
    .....
    यह पोस्ट केवल सफल ब्लॉगर ही पढ़ें...नए ब्लॉगर को यह धरोहर बाद में काम आएगा...
    http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_25.html
    लड्डू बोलता है ....इंजीनियर के दिल से....

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  7. venus kesari to me
    show details 24 Mar (1 day ago)
    पाखी भाई बहुत उम्दा प्रयास है अब नियमितता बनाए रखे ओर हमें बढ़िया बढ़िया गजल पढ़वायें
    ब्लॉग पर कमेन्ट मोबाइल से किया था इस लिए थोड़ा छोटा था :)

    २३ मार्च २०१० ११:०९ AM को, PRAKASH PAKHI ने लिखा:
    - Show quoted text -



    --
    आपका वीनस केसरी

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  8. प्रकाश जी
    नए ब्लॉग के अशआर बहुत पसंद आये !


    बहुत बहुत शुभकामनाएं !!

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  9. प्रकाश जी
    बहुत ही सुन्दर पोस्ट और नये ब्लॉग की
    ढेर सारी शुभकामनाये

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